अमेरिका के ब्रुकलिन सबवे स्टेशन, मेनहैम्पटन के मेट्रो ट्रैन में हुआ आतंकी हमला।
अमेरिका के मेनहेम्पटन मेट्रो में हमला:
12 अप्रैल 2022 सुबह 8 बजे समय यह खबर आई की किसी कंस्ट्रक्शन के मजदूर के वेशभुसा में एक अनजान व्यक्ति मेट्रो में ग्रेनेड और बन्दुक लेके मेनहेम्पटन जाने वाली मेट्रो ट्रैन में घुस गया और मेंट्रो ट्रैन के अंदर पहले ग्रेनेड से धुँआ किया गया उसके बाद से उसने अंधाधुंध गोलीबारी करनी शुरू कर दी। हम आपको बता दे की मेन हैम्पटन ऐसी जगह हे जहा सभी लोग सुबह अपने दफ्तर के लिए पोहचते हे। क्योंकि मेन हैम्पटन में सभी बड़े दफ्तर मौजूद है । जहाँ लोग अपनी नोकरी के लिए 9 बजे से पहले अपने दफ्तर पर पहुचना पड़ता है। इस संदिग्ध ने हमले को अंजाम देने के लिए बड़ी ही सोची समझी नीति से इस गतिविधि को अंजाम दिया गया। गटनाक्रम के बाद संदिग्ध काफिर वहा से फरार हो गया। और पुलिश को अभी तक उस सख्श की कोई जानकारी नहीं है। एफबीआई ने एक नंबर जारी करते हुए उस संधिग्ध का हुलिया बताया है कि उस इंसान क कद 5.5 इंच हे और उसका वजन 150 कग के आसपास बताया जा रहा है। न्यूयॉर्क पुलिश की तफ्तीश जारी है। एफबीआई ने स्थानीय लोगो से मांग की हे की अगर आप लोगो को इस इंसान के बारे में कुछ भी जानकारी हो जैसे वह कैसा दीखता हे किस तरह का उसका रंग हे तो हमें बताये। राष्ट्रपति जो बाइडेन को भी इसकी खबर करदी गई है जिस्जे बाद से एफबीआई को भी इस मामले की जांच में लगा दिया गया है। जिसके बाद से उन्होंने ब्रुकलिन से मेन हैम्पटन का पूरा रास्ता बंद करके जाँच शुरू करदी हे। यहाँ तक की मेट्रो के पटरी पर ग्रेनेड बिछे होने का सक यहाँ एफबीआई को हो रहा है।जिसकी पुष्टि अभी तक हुई नहीं है।
हमले का स्थान : ब्रुकलिन सबवे स्टेशन
ब्रुकलिन सबवे स्टेशन रोड फोटोअमेरिका के ब्रुकलिन से मेनहैम्पटन को जोड़ता हुआ न्यूयॉर्क आने वाले मेट्रो मार्ग के दौरान एक आतंकी ने मेट्रो में घुसकर दिया आतंकी हमले को अंजाम। इस साजिस को अंजाम देने के पीछे कोनसे आतंकवादी संघठन का हाथ हे यह अभि तक पता नहीं चला है।
घटना की पूरी जानकारी:
सबसे बड़ा सवाल यह आता है कि 9-11 के हमले के बाद पूरे अमेरिका में चेकिंग करना और सभी भीड़भाड़ वाले इलाके में जाँच तेज कर दी गई थी लेकिन उसके बावजूद यह संदिग्ध हथियार लेके मेट्रो ट्रैन के अंदर कैसे पंहुचा।
बताया जा रहा हे की भारत की तरह अमेरिका जो की सुपर पावर हे वह अपने पब्लिक स्थान में मेटल डिटेक्टर नहीं लगाए जाने की वजह से यहाँ संदिग्ध हथियार लेके ट्रैन के अंदर दाखिल हो गया था और उसके बाद चलती तरीन में उसने आंसू गैस के गोले को छोड़ा जिसके बाद मेट्रो में धुँआ धुँआ हो चुका था जिसके कारण किसी भी यात्री को नहीं पता चला की यह किसने किया और केसा दीखता हे। उसके बाद उस संदिग्ध ने फायरिंग करना शुरू कर दिया।
मरता क्या न करता:
अपनी जान को बचाने के लिए लोग चलती मेट्रो में से दूरी मेट्रो में छलाग लगाकर अपनी जान को बचाने की कोसिस कर रहे थे। फायरिंग के दौरान कुछ भी ना दिखने के कारण लोग चलती मेट्रो मेसे दूसरी मेट्रो में छलाग से भी घायल हो गए।
हमले में मारे गए लोगो की संख्या:
मेन हैम्पटन के मेट्रो में फायरिंग के दौरान 5 लोग की मौत हुई और 13 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हे। कुछ लोग मौकाए वारदात पर ही मर गए और 3 तीन लोगो ने मेट्रो स्टेशन आते आते अपनी सांसे छोड़ दी।
सेफ्टी की लापरवाही:
अमेरिका जैसे देश मे इस तरह की घटना होना आर्कार पर और उनके सिक्योरिटी सिस्टम पर सवाल खड़ा करती है क्योंकि यह पहला मामला नहीं है इससे पहले भी अमेरिका पर आतंकी हमला हो चूका है जिससे लोग आज भी वाकिफ हे। अमेरिका की टॉप 10 सिटिस में से एक सिटी हे ऐसे में अगर वहा मेटल डिटैक्टर नहीं होना वह भी इतनी सुपर हाईटेक टेक्नोलॉजी वाली सिटी में इस तरह की लापरवाही से लोग बड़े ही गुस्से में हे।
आतंकी सामान:
जिस आतंकी ने इस इस घटना को अंजाम दिया उसने बाकायदा पूरी तैयारी करके ईस काम को अंजाम दिया।उसने अपने साथ धुए स्व बचने के लिए मास्क और कोई ना पहचान सके उस तरह की वेह भूसा अपने साथ अन्य कई विस्पोटक पदार्थ लेकर मेट्रो में चढ़ा। साथ ही वारदात वाली जगह पर एफबीआई के द्वरा जाँच करने पर कई विस्पोटक मेट्रो के अंदर से मिले हे।
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